Read Home » हिंदी लेख पढ़ें » कल्याण और आध्यात्मिकता » राम की पूजा क्यों करनी चाहिए ? (Why should we worship Ram)

राम की पूजा क्यों करनी चाहिए ? (Why should we worship Ram)

  • द्वारा
राम

हिंदू धर्म में विश्वास रखने वाले लोग यह तो जानते ही हैं कि करोड़ों देवी देवताएं हैं जिनकी पूजा हम अलग अलग रूपों में करते आ रहे हैं। लेकिन जब बात आती है श्री राम की तो यह नाम सुनते ही जैसे मानों एक अलग ही तरह के ऊर्जा संचार होने लगता है। दरअसल आज हम आपको विशेषरूप से बताएंगे कि भगवान राम की पूजा क्यों की जाती है? श्रीराम की पूजा विधि क्या है ? भगवान श्रीराम की पूजा में कौन से मंत्र का प्रयोग किया जाता है ?

भगवान राम का संक्षिप्त परिचय ?| introduction of Lord Rama?

रघुवंश के राजा दशरथ और कौशल्या के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में श्रीराम जी का जन्म अयोध्या में चैत्र शुक्ल मास की नवमी तिथि को हुआ था जिसे आज हम सभी “श्री रामनवमी” के त्यौहार के रूप में मनाते हैं। इन्हें विष्णु जी का सातवां अवतार माना जाता है। अपने इस अवतार में विष्णु जी ने एक उत्तम पुरुष के सभी गुणों के उच्चतम मानदंडों को प्राप्त करते हुए जीवन-यापन करते हुए दिखाया। इस अवतार में राम जी ने पुत्र, भाई, पति, मित्र, भगवान, पिता आदि कई रिश्तों को आदर्शवादी तरीके से निभाया। इस अवतार में उनकी पत्नी बनी जनकपुत्री सीता।

Spark.Live के जरिए यहां इस लिंक पर क्लिक करके आप अपने पसंदीदा पंडितों या ज्योतिषियों से घर बैठे संपर्क कर सकते हैं

अयोध्या व राम मंदिर का कनेक्शन | Connection between Ayodhya and Ram temple

अयोध्या को भगवान राम के नाम से जाना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह भगवान राम का जन्मस्थल माना जाता है, हालांकि कुछ समय से यह धर्म से ज्यादा चर्चा विवाद की होने लगती है। राम मंदिर को लेकर यहां काफी विवाद रहा है। दरअसल हिन्दुओं का कहना है कि श्री राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और उनके जन्मस्थान पर एक भव्य मन्दिर विराजमान था जिसे मुगल आक्रमणकारी बाबर ने तोड़कर वहाँ एक मस्जिद बना दी। और इसी बात को लेकर यहां कई सालों से लंबे आंदोलन के चलने के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तो हुआ था लेकिन वह अस्थायी था। पर अब काफी समय बाद पीएम मोदी सरकार ने राम मंदिर का निर्माण कराने का फैसला कर इस विवाद को खत्म किया।

यह भी पढ़ें : वास्तु दोष को हमेशा के लिए करना चाहते हैं दूर, सावन में कर लें ये सरल उपाय

श्रीराम क्यों हैं पूजनीय?| Why is Rama worshiped?

सबसे पहला व विशेष कारण तो यह है कि भगवान श्रीराम विष्णु जी के सातवें अवतार के रूप माने जाते हैं इन्हें मर्यादापुरुषोत्तम कहा गया है। हिन्दू संस्कृति की पूर्ण प्रतिष्ठा राम में चरितार्थ हुई है। जीवन के सभी क्षेत्रों में राम का जीवन आदर्श प्रस्तुत करता है। हिन्दू संस्कृति का स्वरूप रामचरित्र के दर्पण में पूर्णत: प्रतिबिंबित हुआ है। भगवान श्रीराम का उदात्त चरित्र आज भी जनमानस के लिए पूजनीय और अनुकरणीय है। सम्पूर्ण भारतीय समाज के समान आदर्श के रूप में राम का उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम के सभी भागों में स्वीकार हुआ है।

अपने मनपसंद पंडित से संपर्क करने के लिए आप यहां क्लिक करें

भारत की हर एक भाषा की अपनी रामकथाएं हैं। यही वजह है कि राम को उनके मर्यादित और आदर्श जीवन के कारण ही भगवानराम को पूजनीय माना गया है। इस समय भी भगवान के आदर्शों को जीवन में अपनाकर मनुष्य प्रत्येक क्षेत्र में सफलता पा सकता है। उनके आदर्श विश्वभर के लिए प्रेरणास्रोत हैं। भारत का यह आदर्श यदि विश्व मानव का आदर्श बने, तो मानव जाति सुसंस्कृत हो जाएगी।

यह भी पढ़ें : ‘राम नाम सत्य है’ का जाप शवयात्रा के समय क्यों? (Why ‘Ram Naam Satya Hai’ is said during funeral)

भगवान श्रीराम की पूजा विधि | Puja widhi of lord ram

हर देवता की तरह रामजी के लिए भी एक विशेष दिन है जिस दिन इनकी पूजा की मान्यता काफी है, दरअसल हम बात कर रहे हैं रामनवमी की जब भगवान श्रीराम की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन राम भक्त व्रत करते हैं और इसके बाद भगवान राम, माता सीता और हनुमान जी वाली प्रतिमा के समक्ष पूजा करते हैं। वैसे आपको बताते चलें कि भगवान राम की पूजा करने समय उन्हें पीले वस्त्र और फूल अर्पित करने चाहिए।

विष्णु जी या विष्णु जी के किसी भी अवतार की पूजा में तुलसी के पत्तों का अवश्य प्रयोग करना चाहिए। इसके बाद आप अपनी श्रद्धानुसार घी या तेल का दीपक जलाकर आरती करें। आरती के बाद भगवान श्री राम को नैवैद्य अर्पित करें अर्थात भोग लगाएं। भगवान राम की पूजा में प्रसाद के तौर पर दूध से बनी खीर या सफेद मीठाई का प्रसाद विशेष रूप से नैवैद्य के रूप में रखना चाहिए। इसके बाद पूजा में हुई किसी भूलचूक के लिए क्षमा याचना करें। भगवान राम की पूजा के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उन्हें वस्त्र आदि देकर विदा करें।

श्रीराम के पूजा के लाभ | Benefits of worship of Ram

हर भगवान की तरह रामजी के पूजा के भी कई सारे लाभ हैं जैसे कि कहा जाता है कि अगर आप शादी में देरी हो रही है, प्रेम संबंध में समस्या, संतान प्राप्ति में समस्या, व्यवसाय में घाटा आदि परेशानियों से घिरे हैं तो ऐसे में आप राम जी की पूजा कर सकते हैं। अगर आप विधिवत रूप से राम जी की पूजा करेंगे तो आपको ढ़ेरों लाभ होंगे।

अपने मनपसंद पंडित से संपर्क करने के लिए आप यहां क्लिक करें

भगवान श्रीराम को प्रसन्न करने वाले मंत्र | Mantras that please Lord Ram

आप हर रोज घर पर सामान्य रूप से भगवान श्रीराम जी की पूजा कर सकते हैं। रामजी की पूजा के लिए किसी विशेष नियम की आवश्यकता नहीं है। वैसे गुरूवार के दिन राम जी की पूजा के दौरान श्री राम स्तोत्र या ऊं श्री रामाय नम: मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करना चाहिए।

शास्त्रों की मानें तो श्री राम जी का नाम ही एक मंत्र है। आप श्रीराम जय राम जय जय राम’ या ‘हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे’ का भी जाप कर सकते हैं। इसके अलावा भगवान श्रीराम के कुछ अन्य मंत्र हैं: ‘ऊं श्री रामाये नम:’ या ‘ऊँ रामाय नमः’।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *