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ज्योतिष आयुष्मान से कुंडली व ज्योतिषिय विद्या पर खास बातचीत| Special conversation with astrologer Ayushman on astrological science & kundali

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ज्योतिष आयुष्मान
हम सभी के मन में अपने भविष्य जानने को लेकर कौतुहलता बनी रहती है जिसे दूर करने के लिए हम ज्योतिष के पास जाते हैं। वैदिक ज्योतिष हमें इन सभी जानकारियों को प्राप्त करने में मदद करता है। जानकारी के लिए बताते चलें कि वैदिक ज्योतिष में मुख्यतः ग्रह व तारों के प्रभाव का अध्ययन किया जाता है। Spark.live पर मौजूद ज्योतिष आयुष्मान पराशर से हमने वैदिक ज्योतिष से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल किए जो अक्सर ही सभी के मन में आते रहते हैं इसका इन्होने बखूबी से जवाब दिया।

ज्योतिष आयुष्मान पराशर के साथ हुए इस साक्षात्कार को पढ़कर आप समझ जाएंगे कि ये कितने ज्यादा अनुभवी हैं, व ज्योतिष संबंधी समस्याओं का हल करने में ये किस हद तक सक्षम होंगे। इनके बारे में और कुछ कहने की आवश्यकता ही नहीं है इसलिए ज्योतिष समस्या के लिए आप इनसे जरूर संपर्क कर सकते हैं।

आइए एक नजर डालते हैं ज्योतिष आयुष्मान के साथ हुए साक्षात्कार पर

प्रश्न: विवाह से पूर्व कुंडली मिलान क्यों होता है जरूरी ? क्या कुंडली मिलान एक सफल शादी की गारंटी है?

उत्तर: विवाह से पूर्व कुंडली मिलान की जो विधि है उसे अष्टकूट मिलान या गुण मिलान भी कहते हैं इसमे 8 प्रकार के गुण मिलाये जाते हैं जैसे वर्ण, वश्य, तारा, योनि, मैत्री, गण, भकूट, नाड़ी। इनमें नाड़ी, भकूट, गण और मैत्री को अधिक अंक मिले हुए है। इनके मिलान से वर वधु के लिए एक दूसरे के प्रति सामंजस्य , प्रेम, संतान, वंश वृद्धि के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है। कुंडली मिलान करते समय गुण मिलान के अलावा वर वधु की कुंडली में विवाह सुख, संतान सुख, मांगलिक दोष, लग्न की राशियां मित्र राशियां हो इस प्रकार से सूक्ष्मता से देखने पर अच्छे
परिणाम प्राप्त किये जा सकते हैं।

प्रश्न: आजकल के युवा कुंडली मिलान जैसी परंपराओं पर भरोसा नहीं करते, क्या इसका असर उनके वैवाहिक जीवन पर पड़ता है?

उत्तर: ज्योतिष हमारे देश का एक प्राचीन विज्ञान है। कुंडली मिलान भी उसी का एक अंग है यदि आज का युवा इस पर विश्वास करके कुंडली मिलवा के विवाह करें जैसा पहले के समय भारत  में हुआ करता था। तो वह भविष्य में आने वाली विवाह से संंबंधित बहुत सारी समस्याओं से बच सकता है।

प्रश्न: क्या ज्योतिष के जरिए भाग्य को बदला जा सकता है?

उत्तर: ज्योतिष के जरिए यह जाना जा सकता है कि वर्तमान या भविष्य में हमारे साथ किस प्रकार की परिस्थितियों का निर्माण होने वाला है । वह अच्छी होने वाली है या बुरी जिसके अनुसार आदमी भविष्य में आने वाले परिस्थितियों  के लिए अपने आप को सतर्क कर सकता है। चाणक्य ने भी कहा है कि मनुष्य को पता होना चाहिए कि उसका समय कैसा चल रहा है और उसी के अनुसार उसे अपना व्यवहार रखना चाहिए।

प्रश्न: जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष होता है वो ये सुनकर ही घबरा जाते हैं तो आप उन्हें क्या सलाह देंगे ?

उत्तर: मंगल दोष के संबंध में बहुत से भ्रांतियां फैली हुई है। किसी की कुंडली में यह दोष होता है पर किसी किसी की कुंडली में यह योग भी होता है। किसी की कुंडली में वो अपने आप परिहार (Cancel) हो रहा होता है। जिनकी कुंडली में इसका परिहार हो रखा हो वह ऐसे व्यक्ति से भी शादी कर सकते हैं जो मांगलिक ना हो पर मांगलिक दोष वाले लोगों को सुखी वैवाहिक जीवन के लिए मांगलिक से ही शादी करने की सलाह दी जाती है ।

प्रश्न: राहु को लेकर लोगों के मन में तमाम शंकाएं रहती है तो क्या आप बता सकते हैं कि लोगों के जीवन को राहु किस हद तक प्रभावित करता है?

उत्तर: राहु नैसर्गिक रूप से एक अशुभ छाया ग्रह है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वह हर व्यक्ति के लिए अशुभ परिणाम देंगे। यह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति की लग्न कुंडली क्या है। जिसमें राहु किस भाव में किस ग्रह की राशि में बैठे हुए हैं और उस राशि का स्वामी कहां बैठे हुए है। इन सभी बातों का ख्याल रख कर यदि कुंडली का विश्लेषण किया जाए तो पता लगाया जा सकता है कि राहु उनके लिए शुभ फल देंगे या अशुभ।

प्रश्न: ज्योतिष विशेषज्ञ होने के नाते क्या आप बता सकते हैं कि ज्योतिष में सबसे अशुभ योग किसे माना गया है ?

उत्तर: पित्र दोष एक अशुभ दोष है  जिसके कई प्रकार हैं जैसे सर्प श्राप, भ्रातृ श्राप, मातृ श्राप, पित्र श्राप इत्यादि लेकिन आजकल भ्रांति फैली हुई है कि यदि किसी के व्यक्ति की अगर  नौकरी नहीं लग रही है , व्यापार नहीं चल रहा है , विवाह नहीं हो रहा या कोई और समस्या आ रही है तो हर कारण के लिए वह पितृदोष से भ्रमित हो रहे हैं। लेकिन बृहत पाराशरा होरा शास्त्र के अनुसार कुंडली में पितृदोष होने पर केवल और केवल उसे संतान का ना होना या संतान संबंधी कष्ट होता है।

Spark.live पर मौजूद ज्योतिष आयुष्मान पराशर से संपर्क करने के लिए यहां क्लिक करें

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