Read Home » हिंदी लेख पढ़ें » स्वास्थ्य और तंदुस्र्स्ती » पीसीओएस के लिए आहार|Diet for PCOS

पीसीओएस के लिए आहार|Diet for PCOS

  • द्वारा
पीसीओएस

महिलाओं की स्वास्थ संबंधी समस्याओं में पीसीओडी एक ऐसा शब्द है जो काफी चर्चित रहता है। सबसे पहले तो ये बता दें कि पीसीओएस या पीसीओडी यानि पॉलीसिस्टिक ओवरी डिस्‍ऑर्डर महिलाओं में होने वाला एक हार्मोनल विकार है। हालांकि डॉक्टरों का ये भी मानना है कि पीसीओएस के कारण महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ जाता है। इस समस्‍या के कारण मासिक धर्म और कार्डिएक की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है।

पीसीओडी से ग्रसित होने वाली महिलाओं से जन्म लेने वाले बच्चों में ऑटिज्म होने की संभावना ज्यादा होती है। वैसे लड़कियों और महिलाओं के बीच पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसके लिए सावधानीपूर्वक मूल्यांकन, समय पर हस्तक्षेप और उचित उपचार की जरूरत होती है।

अगर सही समय पर इसका निदान न किया जाए तो महिलाओं को अन्य स्वास्थ संबंधी समस्याएं जैसे उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, चिंता और अवसाद, स्लीप एप्निया, दिल का दौरा, मधुमेह और एंडोमेट्रियल, डिम्बग्रंथि व स्तन कैंसर के लिए कमजोर बना सकता है। पीसीओडी के लक्षणों में अनियमित माहवारी, प्रजनन क्षमता में कमी आना, असामान्‍य रूप से वजन बढ़ना और घटना, ह्रदय से संबंधित समस्‍याएं होना, मुहांसे और रैशेज, शरीर पर अनचाहे बाल आना और बाल झड़ना शामिल हैं।

यह भी पढ़ें : मधुमेह, थायराइड व मोटापा कंट्रोल करने के लिए कितना जरूरी है आहार परामर्श

पीसीओएस में आहार का महत्व| Importance of diet in PCOD

पीसीओडी से पीड़ित महिलाओं का इंसुलिन लेवल सामान्य से काफी ज्यादा होता है। ये शरीर में कोशिकाओं में शुगर प्रवेश करने में मदद करता है जहाँ ग्लूकोस को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया होती है। अगर आपके शरीर में इंसुलिन पर्याप्‍त मात्रा में बनना बंद हो जाता है तो ऐसी स्थिति में रक्त शर्करा स्तर बढ़ सकता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति में भी ऐसा हो सकता है। अगर आप अपने आहार में स्‍वस्‍थ खाद्य पदार्थों को शामिल करते हैं तो इसकी मदद से आप जल्‍दी ही पीसीओडी या इंसुलिन रेजिस्टेंस पर नियंत्रण पा सकती हैं।

पीसीओएस में क्‍या खाना चाहिए- Foods for PCOD

पीसीओडी में इन आहारों का सेवन करने से आप इस समस्या से काफी हद तक बच सकते हैं….

टमाटर-शकरकंद

इसमें लाइकोपाइन होता है जो कि वजन कम करने में मदद करता है, और यह पीसीओडी से भी बचाता है। आप चाहे तो शकरकंद भी खा सकते हैं।

दूध-दही

कै‍ल्शियम भरपूर मात्रा में शरीर में जाना चाहिए। रोजाना दो गिलास बिना फैट का दूध पीएं। पीसीओडी से लडऩे में यह कारगर है। इसी तरह दही फायदेमंद है।

हरी पत्तेदार सब्जियां

इस बीमारी में हरी पत्तेदार सब्जियां बेहद फायदेमंद साबित होती है, हालांकि ये सभी के लिए पौष्टिक होता है। पर बात करें महिलाओं की तो इसका सेवन जरूर करना चाहिए। इंसुलिन प्रतिरोध पीसीओएस का एक आम कारण होता है। ऐसे में सलाद पत्ता जरूर खाएं। इसमें बहुत कम कैलोरी होती है।

दालचीनी-जौ

ध्यान रहे कि जौ ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स में कम होता है और लो जीआई इंसुलिन को बढऩे से रोकते हैं जो कि पीसीओएस से लड़ते हैं। दालचीनी भी गजब का मसाला है। यह शरीर में इंसुलिन लेवल को बढऩे से रोकता है और मोटापा भी कम करता है।

यह भी पढ़ें : क्या होता है स्वस्थ आहार, स्वस्थ शरीर के लिए क्यों है इतना जरुरी ?

मुलहठी

आप चाहे तो मुलहठी भी अपने आहार में शामिल कर सकते हैं, यह एक हर्बल उपचार है, इसे खाने से महिला के शरीर में पुरुष हार्मोन कम होने लगता है और पीसीओडी से सुरक्षा मिलती है।

ब्रॉकली-मशरूम

इस हरी सब्‍जी में काफी विटामिन्‍स होते हैं। कम जीआई वाली ब्रॉकली खाने में जरूर शामिल करें। अगर आपको ओवरी सिस्ट है, तो मशरूम जरूर खाएं। यह लो कैलोरी और लो जीआई होता है।

आहार विशेषज्ञ से संपर्क करें

वैसे अगर आप अपने आहार से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे नेटवर्क पर मौजूद नैदानिक आहार व पोषण विशेषज्ञ राधिका अवस्थी से संपर्क कर सकते हैं। राधिका अवस्थी जैसे पोषण विशेषज्ञ आपको मधुमेह, पीसीओएस, थायरॉयड और एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं में आपकी मदद कर सकती हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *