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National Nutrition Week: शिशु के स्वस्थ विकास के लिए माता-पिता रखें इन बातों का ध्यान| What measures need to be taken by parents for the healthy growth of a baby?

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शिशु

हर मां चाहती है कि उसका शिशु स्वस्थ हो, इसके लिए वो गर्भावस्था से लेकर उसके जन्म के बाद भी संपूर्ण ख्याल रखती है। लेकिन क्या आपको पता है कि शिशु के स्वस्थ विकास के लिए माता पिता को कई चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। जिसमें सबसे जरूरी है स्तनपान, जो कि हर डॉक्टर आपको सलाह देता है, दरअसल शिशुओं के स्वस्थ विकास हेतु, उन्हें पोषक तत्वों की कमी से बचने के लिए बीमारी के दौरान व बाद में उपयुक्त आहार जरूरी होता है। आहार व पोषण को ध्यान में रखकर आज 1 सितंबर से 7 सितंबर तक देशभर में National Nutrition Week 2020 मनाया जा रहा है। जिसका लक्ष्य है लोगों में आहार व पोषण के लिए जागरूकता फैलाना ।

विशेषज्ञों की मानें तो गर्भावस्था और जन्म के बाद 1,000 दिन तक नवजात के शुरुआती जीवन की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। ऐसे में ये एक तरह से शिशु की आरंभिक अवस्था होती है जिसमें उचित पोषण की बेहद आवश्यकता होती है, क्योंकि आहार व पोषण विशेषज्ञों की माने तो उचित पोषण न मिलने से बच्चों के मस्तिष्क विकास में भारी नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई नहीं कि जा सकती है।

गर्भावस्था और जन्म के बाद पहले वर्ष का पोषण बच्चों के मस्तिष्क और शरीर के स्वस्थ विकास और प्रतिरोधकता बढ़ाने में बुनियादी भूमिका निभाता है। यही कारण है कि माना जाता है कि इंसान की जिंदगीभर का स्वास्थ्य उसके पहले एक हजार दिन के पोषण पर निर्भर करता है।

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शिशु के स्वस्थ विकास के लिए माता-पिता दें इन बातों का ध्यान

नवजात शिशु व बच्चे की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए शिशु के जन्म के एक घंटे के अंदर मां का दूध पिलाना जरूरी है। ध्यान रहे दो साल की उम्र तक बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग जरूर कराएं। यह नवजात शिशु को कई संक्रमणों और बीमारियों से सुरक्षित रखता है।

स्तनपान कराने से नवजात शिशु के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं। इससे उनका संपूर्ण पोषण होता है और मेटाबॉलिज्म की जरूरतें पूरी होती हैं। वहीं ध्यान रहे कि सही तरीके से मां का दूध पिलाने से बच्चे में मां का प्यार जन्म लेता है और बाद में उसका मानसिक-सामाजिक विकास होता है।

वहीं आपको बता दें कि मां का दूध बच्चे के बेहतर मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जिम्मेदार होता है और इससे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

आहार व पोषण के लिए कराएं इन चीजों का सेवन

प्रोटीन के सबसे अच्छे स्रोत में सोया उत्पाद, मटर, बीन्स, अंडे हैं, इसके अलावा बच्चे को चाहे विभिन्न ताजा फल और ड्राई फ्रूट्स खाने के लिए प्रोत्साहित करें।

वहीं माता पिता को ये ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे को किशमिश, बादाम या काजू जैसे ड्राईफ्रूट्स भी देना चाहिए, लेकिन ये चीजें कम खिलाना चाहिए क्योंकि इनमें कैलोरी अधिक होती है। हर सप्ताह तरह तरह की सब्जियां खिलाएं जैसे कि हरा, लाल और नारंगी बीन्स और मटर, स्टार्ची और अन्य सब्जियां।

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साबूत गेहूं से बना हुआ ब्रेड, ओटमील, पॉपकॉर्न, क्विनोआ या फिर चावल आदि को खिलाएं, इससे बच्चे के शारीरिक विकास पर पॉजिटिव असर पड़ता है। बच्चे को वसा-मुक्त या कम कैलेारी के दुग्ध उत्पाद जैसे दूध, दही, चीज या फोर्टिफाइड सोया पेय पदार्थ लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

वहीं ध्यान रहे कि बच्चों के दैनिक आहार में आयरन होना जरूरी है ताकि उनके मस्तिष्क का सही विकास हो। कैल्सियम भी आहार में जरूरी हड्डियों व मांसपेशियों के विकास में मदद करता है। इसके लिए आप डेयरी फूड, रागी, रेजिन का सेवन करा सकते हैं जो आपके बच्चों के आहार में जरूर शामिल करें।

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Spark.live पर मौजूद आहार व पोषण विशेषज्ञ गुट गुरू आहार से संबंधित सारी जानकारी दे सकते हैं, साथ ही साथ वो ये भी बताएंगे कि आखिर कौन से आहार आपके शरीर के लिए जरूरी है व पोषण प्रदान करते हैं।

संदर्भ लेख : शिशु विकास के लिए माता-पिता की देखभाल ज़रूरी

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