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अनंत चतुर्दशी का क्या है महत्व और क्यों रखा जाता है यह व्रत ? (What is the Significance of fast of Anant Chaturdashi?)

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अनंत चतुर्दशी

हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी व्रत का बेहद ही गहरा महत्व है, कई जगहों पर यह त्योहार अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों की मानें तो यह दिन भगवान विष्णु के कई अवतारों का याद दिलाता है, भाद्रपद में शुक्ल पक्ष को अनंत चतुर्दशी का व्रत रखा जाता है। हालांकि ये दिन भगवान गणेश का विसर्जन का दिन भी होता है, इस साल यह दिन 1 सितंबर को पड़ने वाला है।

शास्त्रों की मानें तो शुक्ल पक्ष के 14वें दिन अनंत चतुर्दशी पड़ती है, यह त्योहार उत्सव और भाईचारे की भावना का प्रतीक है। अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद व्रत का संकल्प लेकर अनंत सूत्र बांधा जाता है। माना जाता है कि इसको धारण करने से संकटों का नाश होता है। यह धागा या तो रेशम का या कपास हो सकता है और इसमें 14 गांठे होनी चाहिए।

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अनंत चतुर्दशी पूजा मुहूर्त

सुबह 05:59 बजे से 09:38 बजे तक
अवधि 03 घंटे 39 मिनट

अनंत चतुर्दशी का महत्व

शास्त्र में बताया गया है कि अनंत चतुर्दशी की शुरूआत महाभारत से जुड़ी हैं, इस दिन को भगवान विष्णु से जुड़े होने के रूप में मनाया जाता है। स्वामी ने 14 लोकों, तल, अटल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, पाताल, भी, भुव, जन, तप, सत्य, मह का निर्माण किया। यही नहीं इसका पालन करने व रक्षा करने के लिए उन्होने 14 विभिन्न अवतारों का रूप भी लिया जिसकी वजह से उनका अनंत नाम पड़ा। इन अवतारों ने एक एक प्रमुख भूमिका निभाई इसलिए अनंत चतुर्दशी के दिन का बहुत महत्व है, क्योंकि आप स्वयं सृष्टि के स्वामी को प्रसन्न कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

व्रत का महत्व

अनंत चतुदर्शी के व्रत का भी बेहद गहरा महत्व है, यह व्रत भगवान विष्णु को खुश रखने के लिए खुश करने और आनंद व संतोष से भरा एक शाश्वत जीवन पाने के लिए भक्त करते है। कहा जाता है कि इस दिन व्रत के साथ अगर कोई भी व्यक्ति विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करता है, तो उसकी सारी मनोकामना पूर्ण होती है। यह व्रत धन, प्रचुरता और समृद्धि को प्राप्त करने के लिए किया जाता है। पर्याप्त धन, खुशी और बच्चों आदि की इच्छा व्यक्ति को नश्वर अस्तित्व में आशीर्वाद पाने के लिए प्रेरित करती है। यह व्रत भारत के अलग अलग राज्यों में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है, इस दिन भगवान विष्णु की लोक कथाएं परिवार के सदस्यों द्वारा सुनी जाती हैं।

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व्रत करने से क्या होते हैं लाभ

  • इस व्रत को करने से दरिद्रता का नाश होता है।
  • जो भक्त यह व्रत दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य की समस्याओं से रक्षा होती है।
  • इस व्रत के करने से विशेष मनोकामनाएं भी हो जाती है।
  • वही ये भी कहा जाता है कि इस व्रत को करने ग्रहों की बाधा से मुक्ति मिलती है।
  • अनंतसूत्र बांधने से यह रक्षा कवच की तरह काम करता है।

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