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एक मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक में क्या होता है अंतर ?

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मनोवैज्ञानिक एवं मनोचिकित्सक

मनोविज्ञान जो कि बेहद ही गंभीर विषय है इसका क्षेत्र बहुत ही विस्तृत है। लेकिन आज भी काफी कम लोग इसके बारे में अच्छे से जानते हैं। जबकि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामले को पहचानने के लिए मनोविज्ञान को पूरी तरह से समझना भी जरूरी है। आज हम विशेषरूप से बात करने जा रहे हैं मनोवैज्ञानिक एवं मनोचिकित्सक के बारे में। मनोवैज्ञानिक एवं मनोचिकित्सक दोनों ही मनुष्य के मन से ही संबंधित होते हैं, लेकिन इनमें अंतर होता है। लोग उस अंतर को नहीं समझते और इन दोनों को एक ही मान बैठते हैं पर ऐसा करना सही नहीं है क्योंकि इन दोनों में बहुत अंतर होता है।

मनोवैज्ञानिक को जहाँ मानव ‘मन के विश्लेषण’ में विशेषता हासिल होती है, वहीं दूसरी ओर मनोचिकित्सक को ‘मन के इलाज‘ में। दोनों एक दूसरे के पूरक होते हैं।

मनोवैज्ञानिक एवं मनोचिकित्सक में अंतर

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मनोवैज्ञानिक

मनोवैज्ञानिक मानसिक व्याधियों के कारण और निदान के ज्ञाता होते हैं। मनोवैज्ञानिक शिक्षा, पारिवारिक समस्याओं, वैवाहिक समस्याओं, बाल विकास से सम्बंधित अनेक प्रकार की व्यवहार विषयक समस्याओं का समाधान परामर्श के माध्यम से करते हैं।

मनोवैज्ञानिक, मनोविज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों जैसे सामान्य व असामान्य मनोविज्ञान, व्यक्तित्व विकास, शारीरिक मनोविज्ञान, मनोवैज्ञानिक एवम सांख्यिकी विधियां, नैदानिक मनोविज्ञान, शिक्षा मनोविज्ञान, विकासात्मक मनोविज्ञान, बाल मनोविज्ञान, समाज मनोविज्ञान, प्रायोगिक मनोविज्ञान, संज्ञानात्मक मनोविज्ञान, निर्देशन एवम् परामर्श औद्योगिक मनोविज्ञान इत्यादि अनेक क्षेत्रों का अध्ययन एवम् अध्यापन करते हैं।

हालांकि मनोवैज्ञानिक विभिन्न प्रकार की मानव व्यवहार संबंधी खोजों के माध्यम से इस क्षेत्र को बदलते परिवेश के अनुरूप नयी दिशा प्रदान करते हैं।

मनोवैज्ञानिक, मनोविज्ञान के क्षेत्र में किसी विशेष विषय को लेकर पीएचडी कर सकते हैं। मनोवैज्ञानिक, शिक्षण संस्थाओं में अध्यापन का कार्य करते हुए लेक्चरर, असिस्टेन्ट प्रोफेसर एवम् रीडर आदि पद धारण कर सकते हैं।

मनोवैज्ञानिक अपने शोध प्रबंध को प्रकाशित कर इस क्षेत्र में हो रहे अध्ययन के सम्बन्ध में प्रचार प्रसार कर सकते हैं। मनोवैज्ञानिक मन एवम व्यक्तित्व की अच्छी समझ रखते हैं और हर प्रकार की मानव व्यवहार जनित समस्याओं को सुलझाने में सहायक होते हैं।

मनोचिकित्सक

मनोचिकित्सक इसे आप नाम से ही समझ सकते है कि मानसिक रोगी की समस्या का अध्ययन (केस हिस्ट्री) करने के बाद उनकी चिकित्सा मनौषधियों द्वारा करते हैं।

एक बात आवश्यक है कि मनोचिकित्सक बनने के लिए एमबीबीएस की उपाधि लेना आवश्यक है।

या फिर विशिष्ट योग्यता करने के लिये इसी क्षेत्र में पीजी भी किया जा सकता है।

मनोचिकित्सक मनोचिकित्सा केंद्र (मेन्टल हॉस्पिटल) में अपनी सेवाएं दे सकते हैं या स्वयं का चिकित्सा केंद्र खोल कर भी यह कार्य कर सकते हैं।

ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि मनोचिकित्सक पेशेवर डॉक्टर होते हैं।

मनोचिकित्सक से करें संपर्क

मानसिक समस्या ऐसी होती है कि इनपर ध्यान नहीं दिया जाए तो ये आपको कई तरह से परेशान करती है। इसलिए आवश्यकता है कि समय रहते अपने विकारों को समझें और एक अनुभवी मनोचिकित्सक से मिलें। हमारे नेटवर्क पर मौजूद नैदानिक मनोचिकित्सक डॉ हर्षल राउत आपकी मानसिक समस्या का इलाज करेंगे। डॉ हर्षल राउत मनोचिकित्सा, माइंडफुलनेस, और ध्यान के लिए अवसाद, चिंता, तनाव, मधुमेह और पीसीओएस की समस्या से निजात दिलाते हैं। वो समझते हैं कि जीवन कभी-कभी मुश्किलें काफी बड़ी आ जाती है और हम सभी उस समय चाहते हैं कि एक सुरक्षित स्थान पर रहे जहां हमें कोई सही राह दिखा सके।

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