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क्या है न्यूट्रास्यूटिकल्स और फंक्शनल फूड, जानें इनके बीच का अंतर | What is nutraceutical and functional foods, know the difference

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फूड

हम हर रोज किसी न किसी रूप में हेल्थ सप्लीमेंट लेते हैं। जैसा कि आप अभी तक ये जान ही गए होंगे कि ये पूरा सप्ताह भारत में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह National Nutrition Week के रूप में मनाया जा रहा है, इस दौरान लोगों को हेल्दी फूड्स और उनके प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। ये तो आपको भी पता होगा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिये भरपूर अनाज, फल, हरी सब्जी, चिकनाई रहित दूध या दूध के उत्पाद, मीट, मछली, बादाम आदि खाना चाहिये। आज हम आपको न्यूट्रास्यूटिकल्स और फंक्शनल फूड के बारे में बताएंगे जिसके बारे में काफी कम लोग जानते हैं, हम इनके बीच के अंतर को भी बताएंगे

न्यूट्रास्यूटिकल्स और फंक्शनल फूड| National Nutrition Week

न्यूट्रास्यूटिकल्स फूड

“न्यूट्रास्यूटिकल्स” शब्द “न्यूट्रीशन” (पोषण) और “फ़ार्मास्यूटिकल” (दवा/औषध) से मिलकर बना है। जैसा कि आपको नाम से ही समझ आ रहा होगा कि यह एक ऐसा खाद्य है जो बीमारियों की रोकथाम के साथ ही साथ उपचार में भी लाभ पहुंचाता है। ऐसे उत्पाद पृथक्कृत पोषक तत्वों, आहार पूरकों और विशेष आहारों से लेकर आनुवंशिक रूप से तैयार किये गए खाद्य पदार्थ, जड़ी-बूटी संबंधी उत्पाद और अनाज, सूप, एवं पेय पदार्थ जैसे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों हो सकते हैं। जो बीमारियों को रोकने, प्रबंधित करने या उनके इलाज के लिए प्राकृतिक भोजन से प्राप्त पोषण को दर्शाता है। यह कार्यात्मक खाद्य पदार्थ अपने कच्चे या पके हुए रूप में स्वास्थ्य-लाभकारी खाद्य पदार्थ हैं और जरूरी नहीं कि इस आहार को खुराक के रूप में सेवन किया जाए।

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फंक्शनल फूड

अब बात करते हैं फंक्शनल फूड की तो बता दें कि प्राचीन समय में यह खाद्य संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है। फंक्शनल फूड उसे कहते हैं जो कि शरीर को पोषण देने के साथ ही कुछ ऐसे सक्रिय घटक भी होते हैं जो शरीर को लाभ पहुंचाते हैं जो बायोएक्टिविटी को या तो सुधारते हैं या फिर उसकी कुशलता को और बढ़ाते हैं। सरल भाषा में समझें तो फंक्शनल फूड या तो कुछ पौधों से मिलते हैं या फिर कुछ जीवों के माध्यम से। इस तरह का भोजन बीमारी को रोक सकता है, बीमारी बढ़ने के खतरे को रोकता है और हमें स्वस्थ रखता है। बताते चलें कि चीनी संस्कृति में खाद्य पदार्थों को औषधि की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है। प्राचीनकाल से चीनी भोजन को निरोधात्मक और उपचारात्मक दोनों तरह से उपयोग कर रहे हैं।

फंक्शनल फूड्स की सूची

सेव, ये तो हर कोई जानता है कि सेव स्वास्थ के लिए कितना लाभदायक है, यह कई सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम करने की क्षमता होने के साथ ही उम्र के असर को भी रोकता है।

ब्लू बैरीज भी फंक्शनल फूड की सूची में आता है, यह एंथोसिनिन से भरपूर होती है।

हरी फूलगोभी भी फंक्शनल फूड की स्वास्थ्यवर्धक पॉलीफेनोल्स से भरपूर होती है।

इसके अलावा बात करें चेरी की तो इसमें एंथोसिनिन एंटीऑक्सीडेंट होता है। चेरी टमाटर में भी बड़ी मात्रा में असरकारक एंटीऑक्सीडेंट क्वैरकेटिन होता है।

वही इस सूची में कॉफी भी आता है जिसमें फेनोलिक एसिड होता है।

ग्रीन टी से पॉलीफेनोल्स मिलता है।

संतरा हेसपरडिन से भरपूर होता है, जो स्वस्थ हृदय के लिए गुणकारी है।

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आपको बता दें कि आड़ू में पॉलीफेनोल्स मिलता है।

आलूबुखारा भी आड़ू की तरह ही पॉलीफेनोल्स का स्रोत है।

रास्पबैरीज एंथोसिनिन एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत हैं।

लाल अंगूर एंथोसिनिन और पॉलीफेनोल्स से भरपूर।

रेड ओनियन में क्वैरकेटिन, पालक में पॉलीफेनोल्स और स्ट्रॉबैरीज भी पॉलीफेनोल्स और एलेजिक एसिड का स्रोत है, जो एंटीवायरल और एंटीबैक्टेरियल क्रिया करते हैं।

न्यूट्रास्यूटिकल्स फूड्स की सूची

  • कोलोस्ट्रम
  • आवंला जूस
  • व्हे प्रोटीन में ऐससल्फेम पोटेशियम
  • प्रोटीन पाउडर
  • डेली हेल्थ सप्लीमेंट कैप्सूल

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