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भारतीय वैदिक ज्योतिष : जाने कैसे आप बदल सकते हैं अपनी किस्मत?

भारतीय वैदिक ज्योतिष

वैदिक ज्योतिष का प्रचलन सदियों से चल रहा है और दिन ब दिन इसकी लोकप्रियता भी बढ़ती जा रही है। इसमें कर्म और भाग्य के आधार पर सिद्धांतों का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए जितना आपके वर्तमान की ज़रूरत होती है, उससे कहीं ज्यादा आपके भूतकाल की भी आवश्यकता होती है। संक्षेप में कहें, तो वैदिक ज्योतिष में आपके पिछले जन्म के कर्मों की भी गणना की जाती है। तो चलिए आज हम आपको भारतीय वैदिक ज्योतिष के बारे में विस्तार से बताएंगे। 

भारतीय वैदिक ज्योतिष का इतिहास

वैदिक काल से ही भारत में ज्योतिषीय गणनाओं का प्रयोग होता रहा है। ऋषियों ने साधना में लीन होकर इसे और भी ज्यादा उपयोगी बनाने का काम किया है। दरअसल, वैदिक ज्योतिष की गणना सूर्य व चंद्रमा की गतियों से भी किया जाता है। इतना ही नहीं, दिन, तारीख, ग्रह और नक्षत्र का भी इस पर बहुत फर्क पड़ता है। ऋग्वेद काल में भारतीय ऋषियों द्वारा चंद्र और सौर वर्ष गणना के ज्ञान को आगे बढ़ाया गया, जिसकी वजह से ज्योतिष का विस्तार होता गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऋग्वेद का समय शक संवत् से लगभग 4000 वर्ष पहले का है, जिसके बाद यजुर्वेद की शुरुआत हुई।

यजुर्वेद में 12 महीनों के नामों का उल्लेख मधु, माधव से तपस्य आदि रखने के प्रमाण हैं, लेकिन वक्त के साथ साथ इसमें भी बदलाव आया और अब मास के नामों को नक्षत्र के नामों से जाना जाने लगा। मतलब साफ है कि भारतीय वैदिक ज्योतिष ने समय समय पर तरक्की की और उसी का परिणाम है कि आज भी इसका अपना अलग ही प्रचलन है। बता दें कि तिथि का ज्ञान हमें ज्योतिषीय सिंद्धात के आधार पर ही होते हैं।

महाभारत और रामायण काल में भी वैदिक ज्योतिष की झलक देखने को मिली। इस काल में ग्रहों व राशियों की चर्चा बखूबी हुई है और इसी काल की ही देन है कि आज भी भारत में इसका चलन है।

वैदिक ज्योतिष कैसे काम करता है?

अब आपके मन में वैदिक ज्योतिष को लेकर एक सवाल आ रहा होगा कि आखिर ये काम कैसे करता है? दरअसल, वैदिक ज्योतिष गणना के साथ साथ सिद्धांतों पर भी फोकस करता है। यह व्यक्ति के ग्रहों की चाल, जन्म तिथि और पिछले जन्म के आधार पर उसके भाग्य की गणना करता है। जी हां, ज्योतिष वैदिक न सिर्फ आपके वर्तमान पर ग्रहों की दशा का क्या असर होगा, इसके बारे में बताता है, बल्कि आपके आने वाले भविष्य पर भी प्रकाश डालता है। मतलब साफ है कि यदि आप किसी ज्योतिष से संपर्क करेंगे, तो वे आपसे कुछ ज़रूरी जानकारी लेंगे, जिसमें जन्म तिथि, जन्म का समय और नक्षत्र आदि शामिल है।

वैदिक ज्योतिष आपकी कैसे मदद कर सकता है?

अभी तक आप यह तो समझ ही गए होंगे कि वैदिक ज्योतिष का काम क्या है? खैर, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वैदिक ज्योतिष करियर, स्वास्थ्य, वैवाहिक अनुकूलता और भविष्य में सितारों की स्थिति के आधार पर भविष्यवाणी करता है। वैदिक ज्योतिष आपके जन्म के समय सितारों की सही व्यवस्था कर आपको एक बेहतर ज़िंदगी प्रदान करता है। 

दरअसल, यह न सिर्फ आपको भविष्य में आने वाले संकटों से आगाह करता है, बल्कि उसे दूर करने के लिए कुछ उपाय भी बताता है, जिसके लिए आपके सितारों की गणना की जाती है। अक्सर, वैदिक ज्योतिष मानव जीवन और समाज पर विभिन्न ग्रहों और सितारों के प्रभावों की व्याख्या करते हैं। संक्षेप में कहें, तो वैदिक ज्योतिष के पास आपकी असफलता को भी सफलता में बदलने की क्षमता होती है।

ऑनलाइन ले सकते हैं वैदिक ज्योतिषी से सलाह

आजकल ऑनलाइन वैदिक ज्योतिष का प्रचलन हो गया है। प्रत्येक ज्योतिष ऑनलाइन सलाह देते हैं, जिसमें वे ऑडियो और वीडियो दोनों की सुविधा देते हैं। इस दौरान वे आपके कुंडली से लेकर आपके भाग्य की भी जानकारी देते हैं। ऐसे ही कुछ ज्योतिषों से आप हमारे प्लेटफॉर्म पर सलाह ले सकते हैं, जो आपके जीवन में आने वाली बाधाओं के बारे में जानकारी देकर आपका भविष्य बेहतर बना सकते हैं। 

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