Read Home » हिंदी लेख पढ़ें » Uncategorized » क्या है बर्नआउट, यहां जानें इसके लक्षण व दूर करने के उपाय

क्या है बर्नआउट, यहां जानें इसके लक्षण व दूर करने के उपाय

  • द्वारा
What is Burnout

हम बात करें अगर बीमारियों की तो कई बार आप ऐसी बीमारियों का नाम सुनते होंगे जिनके बारे में न आपने कभी सुना होगा और न ही समझा होगा। आजकल कोरोना काल में जैसा माहौल बना हुआ है उसमें तमाम तरह की बीमारियां लोगों के शरीर के अंदर घर कर रही हैं। इनमें से कुछ बीमारी मानसिक होती है जिनमें से एक है बर्नआउट। जिसका मतलब कई लोगों की समझ से परे हैं।

दरअसल इसमें व्यक्ति को खुद के अंदर मोटिवेशन की कमी के कारण अपने आप को पराजित और किसी काम को पूरा करने में असमर्थ महसूस करता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि ये उन लोगों में होती है पेशेवर होते हैं। मनोवैज्ञानिकों की मानें तो ये एक तरह का सिंड्रोम है, जो काम के अधिक दबाव की वजह से होता है। कई बार लोगों को तो समझ में ही नहीं आता है कि वो इस गंभीर बीमारी की चपेट में हैं और देखते ही देखते वो अपना सबकुछ खो देते हैं।

इसलिए यह बात हमें समझना बेहद जरूरी है कि हमारे जीवन में मनोवैज्ञानिक के सलाह की आवश्यकता उतनी ही जरूरी है जितनी की बीमार होने पर एक डॉक्टर की। शारीरिक समस्याएं तो सामने दिख जाती हैं लेकिन मानसिक समस्याओं के बारे में जब तक हमें ज्ञात होता है बहुत देर हो जाती है। आज हम आपको इस बर्नआउट सिंड्रोम के लक्षण के बारे में बताएंगे ताकि आप भी इसे आसानी से समझ सकें

बर्नआउट के लक्षण

जब कोई व्यक्ति बर्नआउट सिंड्रोम का शिकार हो जाता है तो उसे अक्सर ही थकान महसूस होने लगता है और चिड़चिड़ापन भी महसूस होता है।

कई बार ऐसा भी होता है कि आप अपने काम को लेकर हमेशा संदेह में रहते हैं, यह भी इसी सिंड्रोम का लक्षण है।

इस दौरान आप ऑफ़िस में तो होते हैं लेकिन आपका ध्यान काम पर नहीं लग पाता है।

इस सिंड्रोम के दौरान व्यक्ति को कई बार भूख भी नहीं लगता है।

कई बार इस समस्या से गुजर रहे व्यक्ति को ड्रग या एल्कोहल लेने की भी इच्छा होने लगती है।

किसी भी काम में बार बार नकारात्मकता का महसूस होना।

यही नहीं लोग इस दौरान अकेला रहना चाहते हैं, इतना ही नहीं वो अपने दोस्तों और परिवार वालों से बात तक नहीं करना चाहते हैं।

ये तो हो गए बर्नआउट सिंड्रोम के लक्षण की बात, अब आप ये सोच रहे होंगे कि आखिर इससे बचा कैसे जाए। हालांकि इससे बचना काफी आसान है।

बर्नआउट सिंड्रोम से बचने के उपाय

शारीरिक स्वास्थ है जरूरी: सबसे पहले तो ध्यान रहे कि इस दौरान आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है, ऐसे में आपको ज्यादा मीठा नहीं खाना चाहिए, इसके साथ ही साथ व्यायाम करना चाहिए। हो सके तो आप 7-8 घंटे की नींद लें, और स्ट्रेस फ्री रहें।

पसंदीदा काम करें: दिन में कुछ घंटे अपनी हॉबी पूरी करने के लिए निकालें, चाहें वो डांस हो, सिंगिग हो या कुछ और। जो लोग ऐसा करते हैं वो काम में भी फोकस कर पाते हैं और काम करते समय आई परेशानियों का उपाय भी जल्दी ढूंढ लेते हैं।

सोशल होकर रहे: कोशिश करें कि बर्नआउट से छुटकारा पाने के लिए दोस्तों व रिश्तेदारों से मिलें। इन सबसे आपको इमोशनली अच्छा लगेगा और आप इस सिंड्रोम से भी बाहर आएंगे।

करियर को लेकर करें प्लानिंग: अक्सर ऐसा होता है कि काम में दिल ना लगने से आपको थकान महसूस हो सकती है व इससे अनप्रोडक्टिविटी बढ़ सकती है। इसलिए आप सोचें कि आपको क्या बदलाव चाहिए, और उसकी तरफ कदम बढ़ाएं।

सुबह उठते ही बना लें एक रूटीन: इस भागदौड़ भरी लाइफ में किसी को समय ही नहीं मिल पाता है ऐसे में सुबह से दिनभर थकान रहती है। इसलिए सुबह समय से उठें, खुद को रिलैक्स करें, चाय पिए, मेडिटेशन करें या कुछ भी करें जिससे आप रिलैक्स हों।

आप चाहे तो इस समस्या से निपटने के लिए मनोवैज्ञानिक रीमा शाह से भी मदद ले सकते हैं वो आपको इससे बचने में काफी मदद करेंगे।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *