Read Home » हिंदी लेख पढ़ें » कल्याण और आध्यात्मिकता » वैदिक ज्योतिष: कौन सी राशियों के अंदर होती हैं क्या खूबियां

वैदिक ज्योतिष: कौन सी राशियों के अंदर होती हैं क्या खूबियां

  • द्वारा
Prominent characteristics of zodiac signs

ज्योतिष शास्त्र एक बेहद ही विस्तृत क्षेत्र है इसमें कई तरह की ज्योतिष विधाएं शामिल होती हैं। लेकिन अगर हम बात करें वैदिक ज्योतिष की तो इसमें राशियों का महत्वपूर्ण भूमिका होती है, ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे जीवन में भी राशियों का महत्वपूर्ण स्थान होता है।

वैदिक ज्योतिष में राशि की महत्वता को अगर सरल शब्दों में समझाएं तो जिस तरह से हमें इस संसार में जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यता है, ठीक उसी तरह वैदिक ज्योतिष में राशि की भूमिका है। राशि एक जातक पर अपना व्यापक प्रभाव डालती है। आज हम आपको सभी राशियों की विशेषता के बारे में बताएंगे। वैसे आगे इनके बारे में कुछ भी बात करने से पहले ये बता दें कि राशि क्या है?

ज्योतिष शास्त्र में कुल १२ राशियों का जिक्र किया गया है। इनमें से ही किसी भी व्यक्ति के जन्म के आधार पर उसके राशि का निर्धारण होता है और राशि के अनुसार स्वभाव का। हर राशि का चरित्र, व्यक्तित्व व विशिष्टता भिन्न होती है। राशि का व्यक्ति की जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति और राशि के ज्योतिष कारकों का बहुत ही निर्णायक प्रभाव पड़ता है।

खास बात तो यह है कि इन सभी राशि की अपनी अलग ताकत और कमजोरियां होती है, इसके अलावा स्वयं के विशिष्ट गुण, इच्छा एवं जीवन तथा लोगों के प्रति रवैया होता है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से पता लगाया जा सकता है। राशि की विशेषताएं जानकर व्यक्ति सफलतापूर्वक अपना जीवन निर्वाह कर सकता हैं।

क्या हैं इन १२ राशियों की विशेषता

यदि हम इन १२ राशियों की बुनियादी विशेषताओं को जान लेंगे तो इन्हें बेहतर रूप से समझ सकते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में भिन्न-भिन्न तत्वों के कारण १२ राशियों को चार भागों में बांटा गया है। जिनमें से हर राशि के अंदर एक विशिष्ट राशि तत्व पाए जाते हैं। ये चार राशिचक्र तत्व हैं-वायु, अग्नि, पृथ्वी और जल। जिनमें से सभी हमारे शरीर के अंदर निहित हैं और र हर तत्व एक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व हैं। हर ऊर्जा के प्रतिनिधित्व को समझकर सभी सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करके व्यक्ति के सकारात्मक गुणों को समझ पाने में ज्योतिष शास्त्र हमारी मदद करता है। अब ये जान लेते हैं कि इन चार राशिचक्र तत्वों में किसके अंतर्गत कौन कौन सी राशियां आती हैं।

वायु : मिथुन, तुला, कुंभ
अग्नि: मेष, सिंह, धनु
पृथ्वी: वृष, कन्या, मकर
जल: कर्क, वृश्चिक, मीन

वायु राशिचक्र: इस राशिचक्र के अंतर्गत मिथुन, तुला, कुंभ जातक आते हैं। इन जातकों में कई अच्छे गुण होते हैं जैसे ये बेहद ही बुद्धिजीवी, मिलनसार, विचारक और खासतौर पर विश्लेषक होते हैं। इन जातकों को किताबें पढ़ना काफी पसंद होता है।

अग्नि राशिचक्र: इस राशिचक्र अंदर मेष, सिंह व धनु जातक आते हैं। ये जातक स्वभाव से भावुक, गतिशील और मनमौजी होते हैं। हालांकि इन्हें ग़ुस्सा भी बेहद जल्दी ही आ जाता है। वैसे इसके अलावा ये साहसी, ऊर्जावान और आदर्शवादी होते हैं।

जल राशिचक्र: इस राशिचक्र के अंतर्गत कर्क, वृश्चिक, मीन आते हैं। ये राशि वाले जातक भावनात्मक एवं संवेदनशील तरह के होते हैं। यही नहीं इसके अलावा उनकी याददाश्त शक्ति भी तीक्ष्ण होती है और खास बात तो ये है कि वो हमेशा ही अपने प्रियजनों की मदद के लिए तत्पर होते हैं।

पृथ्वी राशिचक्र: इस राशिचक्र में वृषभ, कन्या व मकर आते हैं, पृथ्वी राशिचक्र में शामिल होने के कारण ये जातक जमीनी तौर पर जुड़े हुए होते हैं, व्यवहारिक व विश्वास योग्य होते हैं। इन जातकों को भौतिक चीज़ों से बेहद लगाव होता है।

अब आप समझ गए होंगे कि वैदिक ज्योतिष में सभी १२ राशियों में कौन सी प्रतिभा व गुण होते हैं, इन बुनियादी विशेषताओं को जानने के बाद आप किसी भी व्यक्ति की राशि से अनुमान लगा सकते हैं कि उसका स्वभाव कैसा है। 

वैदिक ज्योतिष में मेघराज भारद्वाज को विशेष अनुभव प्राप्त है। 15 सालों से ज्योतिष के क्षेत्र में कार्यरत मेघराज भारद्वाज से आप अपनी समस्याओं पर परामर्श लेने के लिए संपर्क कर सकते हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *