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बिना किसी दवा के इन विधियों से किया जा सकता है समग्र रोगों का उपचार

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चिकित्सा विधि

भारत एक ऐसा देख है जहां प्राकृतिक व आयुर्वेद की मान्यता काफी ज्यादा है। भले ही इस समय हम आधुनिक दुनिया में जी रहे हैं लेकिन आज भी कई लोग ऐसे हैं जो स्वास्थ संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आधुनिक विधियों द्वारा किया गया। लेकिन क्या आपको पता है मेडिकल साइंस के अलावा अन्य कई तरीके व चिकित्सा विधियां है जिसे अपनाकर हम अपनी स्वास्थ संबंधी समस्याओं को दूर कर सकते हैं। आज हम इस लेख में उन विधियों के बारे में ही बताएंगे जिसमें आपको दवा की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

दरअसल हम बात कर रहे हैं भारत में मौजूद योग, रेकी व एक्यूप्रेशर विधि के बारे में जो कि हमारे प्राचीन कालीन भारत में चिकित्सा के रूप में प्रयोग किए जाते रहे हैं। हालांकि अब इसके जानकार आपको कम मिलेंगे लेकिन आज भी कई लोग इस विधि को मानते हैं और इसके जरिए कई रोगों का इलाज भी कराते हें।

इन विधियों से हो सकता है इलाज

योग

वैसे तो योग को जीवन के सही तरीके से जीने का विज्ञान माना गया है और यही कारण है कि इसे रोज की दिनचर्या में शामिल करने को कहा जाता है। यह हमारे जीवन से जुड़े भौतिक, मानसिक, भावनात्मक, आत्मिक और आध्यात्मिक आदि सभी पहलुओं पर काम करता है। यह तो आप भी मानते हैं कि योग से कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है, यह शारीरिक समस्याओं पर ही नहीं बल्कि मानसिक समस्याओं पर भी गहरा प्रभाव डालता है।

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एक्यूप्रेशर

एक्यूप्रेशर भी एक तरह की चिकित्सा पद्धति है जिसमें शरीर के विभिन्न स्थानों पर स्थित पॉइंट को दबाकर सेहत की समस्याओं को हल किया जा सकता है। दरअसल ये पॉइंट्स उस स्थानों से आंतरिक रूप से संबंध रखते हैं, जहां आपको समस्या हो रही है। हालांकि एक्यूप्रेशर किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या को दूर करने में काफी उपयोगी माना जाता है जिसके जरिए आप बिना दवाइयों के भी सभी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है।

रेकी विधियों

हमारा देश आध्यात्मिक शक्तियों से संपन्ना देश है। हजारों वर्ष पूर्व भारत में स्पर्श चिकित्सा का ज्ञान था। इस विधि को रेकी विधि भी कहा जाता है, यह शरीर के रोगग्रस्त भाग की दूषित ऊर्जा को हटाकर उस क्षेत्र को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करती है। यह व्यक्ति के तरंग स्तर को बढ़ाती है। उसके प्रभा पंडल को स्वच्छ करती है जिसमें नकारात्मक विचार और रोग रहते है। इस क्रिया में यह शरीर के ऊर्जा प्रवाहों को सुचारु करने के साथ-साथ उन्हें बढ़ाती भी है। इस तरह यह रोग का उपचार करती है।

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यह ऐसी पद्धति है जिसमें प्राकृतिक विधियों के प्रयोग द्वारा मनुष्य के रोगों का उपचार किया जाता है। इन सभी विधियों के जरिए हम शरीर का समग्र रूप से उपचार कर सकते हैं बस अंतर ये है कि इस उपचार के जरिए हम दवाईयों का प्रयोग नहीं करते हैं। विश्व के सभी उन्नत देशों में प्राकृतिक चिकित्सा अपना महत्त्वपूर्ण स्थान पुनः प्राप्त करती जा रही है, क्योंकि इस विधि के द्वारा उन हजारों-लाखों रोगों का इलाज संभव हुआ है, जो अन्य विधियों के चिकित्सकों द्वारा ‘ असाध्य ‘ करार दिये गये।

मिलिए इन विधियों की संपूर्ण जानकारी रखने वाली गीता मेहरा से

Spark.live के जरिए हम आपको इन सभी विधियों का गहन ज्ञान रखने वाली गीता मेहरा से मिला रहे हैं। जो कि एक योग शिक्षक, रेकी ग्रैंडमास्टर व एक्यूप्रेशर चिकित्सक हैं। गीता मेहरा इन विधियों के जरिए शरीर के समग्र उपचारों में विश्वास करती हैं और वो आपके शरीर को आंतरिक कार्य के जरिए ही ठीक करती हैं। गीता मेहरा को इस क्षेत्र में ३५ वर्षों से भी ज्यादा का अनुभव है। इनसे संपर्क करने के लिए यहांं क्लिक करें।

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