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पतन का कारण बनती है आपकी ये आदतें| These Habits can cause your Downfall

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आदतें

हर व्यक्ति की चाहत होती है कि उसका जीवन सुखी समपन्न व धन धान्य से भरा हो, लेकिन यही नहीं इसके लिए लोग माता लक्ष्मी की पूजा भी करते हैं ताकि उन्हें कभी भी धन की कमी न महसूस हो। हिंदू धर्म में मानें तो सुख व ऐश्वर्य प्रदान करने वाली माता लक्ष्मी का जिस भी घर में वास होता है वहां किसी भी चीज की कमी नहीं होती। वहीं कहते हैं कि माता लक्ष्मी उसी घर को चुनती हैं जहां हमेशा पवित्रता, धर्म के मार्ग पर चलने वाले लोग और उनके अंदर अच्छी आदतें होती हैं। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसी आदतें के बारे में आगाह करने जा रहे हैं जिसे अपनाने से माता लक्ष्मी रूठ जाती है, इसलिए इन आदतों को भूल से भी न अपनाएं।

ये आदतें दूर कर देती है माता लक्ष्मी को

हिंदू धर्म में दान, पूण्य भोग और नाश का महत्व बताया गया है। अगर कोई मनुष्य सुविधा संपन्न होते हुए भी जरूरतमंदों को दान नहीं करता है तो निश्चित रूप से कुछ समय बाद उसका धन नष्ट हो जाता है। इसी तरह यदि धन होने के बावजूद वह उसे नहीं खर्च करता है तो भी वह नष्ट हो जाता है।

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शास्त्रों की मानें तो आलस भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु माना जाता है, कहते हैं कि जो व्यक्ति आलसी होता है उसके यहां माता लक्ष्मी बिल्कुल भी नहीं टिकती। कई बार आपने देखा होगा कि कुछ व्यक्ति आज का काम कल पर टाल देते हैं ऐेसे व्यक्ति के पास कभी धन नहीं रह पाता है। क्योंकि उनका आलस ही उन्हें ले डूबता है। इसलिए ये तो मानना पड़ेगा कि मां लक्ष्मी हमेशा कर्म एवं कर्तव्यनिष्ठ के यहां टिकती हैं, जबकि आलसी व्यक्ति के पास जो धन पहले से होता है, वह भी नाश हो जाता है।

यही नहीं कहा जाता है कि जिस व्यक्ति को दिन में सोने की आदतें होती है उसके घर में भी लक्ष्मी कभी नहीं टिकती हैं। ऐसे व्यक्ति का धन बहुत जल्दी समाप्त हो जाता है। शास्त्रों के अनुसार यदि धन की इच्छा हो तो कभी भी दिन में नहीं सोना चाहिए। यही कारण है कि हमारे बड़े बुजुर्ग दिन में सोने से मना करते हें।

कहते हैं कि कामी व्यक्ति के यहां भी मां लक्ष्मी नहीं ठहरती हैं। ऐसे व्यक्ति के पास कितना भी धन हो वह बहुत जल्दी ही नाश हो जाता है। पौराणिक कथाओं में कामी व्यक्ति के पतन के तमाम उदाहरण मौजूद हैं। जहां देवराज इंद्र ने कई बार काम भाव के कारण अपनी सत्ता गंवाई वहीं रावण के विनाश की भी यही वजह बनी थी।

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क्रोध, कहा जाता है कि क्रोध मनुष्य के नाश का कारण बनता है। वहीं धन का नाश भी क्रोध से होता है। शास्त्रों के अनुसार विपरीत परिस्थिति में कभी भी अपना आपा नहीं खोना चाहिए। जब लोगों के विपत्ति के दौरान जो लोग संयम खो देते हैं और क्रोध करते हैं, उनका और उनके धन का अक्सर नाश होता है। शास्त्रों में क्रोध को असुरों का गुण कहा गया है और इसी कारण असुर हमेशा देवताओं से हारे हैं।

ध्यान रहे कि जिन लोगों के पास धन हो उन्हें भूलकर भी उसका अभिमान नहीं करना चाहिए। किसी भी प्रकार का घमंड विनाश का कारण बनता है। ऐसे लोगों को हमेशा ही अपने आप पर घमंड नहीं करना चाहिए।

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