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रीढ़ की हड्डी के लिए बेस्ट हैं ये 4 योगासन (Yoga online for Spinal health)

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रीढ़ की हड्डी

पिछले कई सालों से लॉकडाउन का समय चल रहा है ऐसे में हम सभी अपने अपने घरों में बंद हो चुके हैं। ऑफिस का काम हो या फिर घर का काम सबकुछ घर पर ही रहकर करना है, वैसे इस बीच जो वर्क फ्रॉम होम का चलन शुरू हो गया है इसकी वजह से कई लोगों को रीढ़ की हड्डी की समस्याएं भी उत्पन्न हो रही है। हालांकि ये कोई नई बात नहीं है इससे पहले भी कई लोग इस समस्या से पीड़ित हो चुके हैं। जो लोग ज्यादा देर तक बैठकर काम करते हैं उनके साथ ऐसा होना सामान्य है।

रीढ़ की हड्डी की तो ये आपकी पर्सनैलिटी के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। इसके साथ ही ये स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी बचाती है। लेकिन यह भी सच है कि झुककर या किसी गलत तरीके से बैठने की आदत से हमारी रीढ़ की हड्डी में अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती है। इससे लोग निजात पाने के लिए लोग डॉक्टरों के चक्कर काटते रहते हैं। पर ये समस्याएं किसी दवा से नहीं बल्कि योग के जरिए आसानी से दूर की जा सकती हैं।

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आप योगा करके अपनी रीढ़ की हड्डी में होने वाली किसी भी प्रकार की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं पर इसके लिए आपको योग के जरिए सही और फिल्हाल आपको बाहर निकलने में भी सोचना पड़ रहा होगा। ऐसे में spark.live आपकी इस समस्या के लिए बेहतरीन सुविधा उपलब्ध करा रहा है। जी हां इस नेटवर्क के जरिए आप किसी भी अनुभवी योग विशेषज्ञ से घर रहकर योग करने का सही तरीका सीख सकते हैं व अपने किसी खास शारीरिक समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष योग की भी जानकारी ले सकते हैं।

जैसा कि आप जानते ही होंगे कि योग से कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है लेकिन इसे करने का सही तरीका आना चाहिए। तो आइए आइए जानते हैं कि रीढ़ की हड्डी संबंधी समस्या से निजात दिलाने के लिए हमारे योग गुरूओं ने कौन से आसन सुझाए हैं।

रीढ़ की हड्डी के लिए ये योगासन हैं सबसे सही

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भुजंगासन

सबसे पहले बात करते हैं भुजंगासन की जो कि स्वस्थ रीढ़ के लिए सबसे बेहतर व्यायाम माना जाता है। इसे करने के लिए सबसे पहले आपको पेट के बल जमीन पर लेट जाना होता है फिर अपने दोनों पैर सीधे करके मिला लीजिए। फिर दोनों हाथों को चेहरे के सामने रख लीजिए। दोनों हाथ की उंगलियों को पान का आकार दीजिए। इसके बाद आप उस आकार में अपनी ठोड़ी को रख लीजिए। सांस भरते समय धीरे-धीरे दोनों हाथों को सीधा कीजिए। कुछ समय तक इसी स्थिति में रुकिए फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पूर्व स्थिति में आ जाइए।

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मकरासन

अब बात करते हैं दूसरे आसन की जो है मकरासन। इसे करने के लिए पेट के बल सपाट लेट जाइए। कुहनियों के सहारे सिर और कंधों को उठाइए और हथेलियों पर ठोड़ी को टिका दीजिए। इसके बाद आपको अपनी आंखों को बंद करके पूरे शरीर को ढीला छोड़ देना है।

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ताड़ासन

ताड़ासन करने के लिए सबसे पहले आप खड़े हो जाएं। अब अपने कमर एवं गर्दन को सीधा रखें। अपने हाथ को सिर के ऊपर करें और सांस लेते हुए धीरे-धीरे पूरे शरीर को खींचें। खिंचाव को पैर की अंगुली से लेकर हाथ की अंगुलियों तक महसूस करें। इस अवस्था में बने रहकर दो -तीन बार साँस छोडिये एवं भरिये। फिर धीरे -धीरे वापस पहली मुद्रा में आना है। यानि सीधे दोनों हाथ बगल में कर पहली अवस्था में आयें। ऐसे ही कम से कम तीन से चार बार अभ्यास करें।

बलासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं और शरीर का सारा भार एड़ियों पर डालें। गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। आपका सीना जांघों से छूना चाहिए और अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इस अवस्था में रहें फिर धीरे -धीरे साँस छोड़ते हुए वापस पहली मुद्रा यानि एड़ी पर बैठिये। इस प्रक्रिया को शुरुआत में दो से तीन बार करिए।

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ध्यान रहे कि ये चारों प्रकार के योगासन को नियमित रूप से खाली पेट करने से रीढ़ की हड्डी के दर्द में निश्चित रूप से आराम प्राप्त होता है। प्रत्येक आसन में साँसों को अन्दर और बाहर छोड़ने की प्रक्रिया का ध्यान रखना आवश्यक है। इसके साथ ही शुरुआत में दो से तीन बार करना चाहिए। फिर एक हफ्ते के अंतराल में योगासन का समय बढ़ाना चाहिए।

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