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10वीं के बाद करियर बनाने के हैं कई रास्‍ते, करियर काउंसलर से पाएं सही मार्गदर्शन

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करियर काउंसलर

हममें से हर कोई जब 10वीं या 12वीं की परीक्षा दे रहा होगा तो वो अपने भविष्य को लेकर जरूर चिंतित होगा। हर किसी को जीवन में इस पड़ाव पर आकर परेशानी होती है क्योंकि इसके बाद उसे अपने भविष्य के लिए सही विषय का चुनाव करना होता है जिससे वो आगे चलकर सफल हो सके। लेकिन जानकारी के अभाव में या फिर माता पिता के दबाव में कई बच्चे सही निर्णय नहीं ले पाते हैं जिसकी वजह से वो अपने करियर में उन ऊंचाईयों को नहीं छू पाते हैं जिसकी कल्पना उनके माता पिता या उन्होने की थी। आज हम बात करेंगे खासकर 10वीं पास छात्रों की जिन्हें एक करियर काउंसलर की आवश्यकता काफी ज्यादा होती है। क्योंकि वो आपको यह जानने में मदद करता है कि आपकी क्या खूबियां हैं, क्या खामियां हैं, आप किस विषय को अच्छे ढंग से जानते हैं।

इसलिए अगर आप सही मार्गदर्शन चाहते हैं तो ऐसे में उचित यही होगा किदसवीं के बाद ही करियर का रोडमैप बना लें तो आगे की राह आसान हो सकती है। ये बात तो हम सभी जानते हैं कि एकेडमिक्स से लेकर प्रतियोगिता तक सभी की राहें हाईस्कूल से ही निर्धारित होती हैं। रिजल्ट के बाद छात्र-छात्राओं के मन में इसी बात की उधेड़गुन हो रही होगी कि वे किस स्ट्रीम का चुनाव करें कि करियर को एक अच्छा मुकाम दे सकें। ऐसे में Spark.live पर मौजूद समर्थ हर्ष जो कि एक करियर काउंसलर आपकी अच्छी मदद कर सकेंगे।

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करियर काउंसलर दे सकते हैं एक नई दिशा

आर्ट्स

पहले लोग आर्ट्स को उतना महत्व नहीं देते थें और न ही इसमें उतना स्कोप था लेकिन अब इस स्ट्रीम के सभी विषय करियर के लिहाज से बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं। जैसे कि इनमें आने वाले विषय अर्थशास्त्र, संस्कृत, समाजशास्त्र, हिंदी, राजनीति विज्ञान व अंग्रेजी या विदेशी भाषा साहित्य, शिक्षा शास्त्र, चित्रकला, मनोविज्ञान जैसे विषय बेहतर भविष्य की पक्की गारंटी देते हैं। यही कारण है कि आर्ट्स स्ट्रीम का चुनाव आज के युवा काफी ज्यादा कर रहे हैं। आप इस बात को ऐसे भी समझ सकते हैं कि देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरियों में शुमार सिविल सेवा में भाग लेने वाले सबसे ज्यादा छात्र आर्ट्स स्ट्रीम के होते हैं। यही नहीं बैंकिंग क्षेत्रों में भी आर्ट्स के छात्र अच्छा कर रहे हैं।

साइंस

साइंस विषय का चुनाव करने पर छात्रों के पास यहां दो विकल्प होता है। पहला मैथमेटिक्स और दूसरा बायोलॉजी। मेडिकल फील्ड में करियर बनाने के इच्छुक बायोलॉजी का और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भविष्य तलाश रहे छात्र मैथ्स पढ़ते हैं। इस फील्ड में बायोटेक्नोलॉज, लाइफ साइंस, नैनो टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चरल इंजीनियरिंग जैसे कई आकर्षक करियर ऑप्शन भी हैं। इसके अलावा साइंस में कृषि विषय भी आता है। एग्रीकल्चरल साइंस, एनीमल हसबैंड्री, वेटनरी साइंस, एग्रीकल्चर एरिया में करियर की बुनियाद खड़ी की जा सकती है। प्रतियोगी परीक्षा में एनडीए में प्रवेश के लिए साइंस जरूरी है।

कॉमर्स

अकाउंटिंग में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं की पसंद कॉमर्स होता है। इनकी पहली प्राथमिकता सीए, सीएस या आइसीडब्ल्यूएआइ होती है। यदि आपकी रुचि इस क्षेत्र में है तो आप कॉमर्स स्ट्रीम का चयन कर सकते हैं। वैसे तो बैंकिंग सेक्टर में सभी स्ट्रीम के छात्र जा सकते हैं, लेकिन कॉमर्स स्ट्रीम वालों के लिए यह थोड़ा आसान होता है।

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रुचि के अनुसार करियर काउंसलर दिला सकते हैं बेहतर परिणाम

सबसे खास बात तो यह है कि किसी भी स्ट्रीम का चुनाव करते समय बच्चों को एक करियर काउंसलर ही सही दिशा दिखा सकता है। क्योंकि वो छात्रों की काबिलियत और भविष्य में उस क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए उन्हें सलाह देता है। इसलिए बिना झिझक के आप करियर काउंसलर से सलाह लें और उनके सामने अपनी बात कहें और इस संबंध में उनके तर्कों को भी पूरा महत्व दें। काउंसलर इस बात का हमेशा ध्यान रखते हैं कि सांइस हो या कॉमर्स या फिर आट्र्स का क्षेत्र, छात्रों को उनकी रुचि के अनुरूप स्ट्रीम मिले, तभी वह बेहतर परिणाम दे पाएगा।

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