Read Home » हिंदी लेख पढ़ें » जीवनशैली और रहन-सहन » व्यक्तित्व विकास: बाहरी सुंदरता के साथ आंतरिक सुंदरता को निखारना है जरूरी

व्यक्तित्व विकास: बाहरी सुंदरता के साथ आंतरिक सुंदरता को निखारना है जरूरी

  • द्वारा
आंतरिक सुंदरता

कई बार आपने लोगों को किसी के बारे में बात करते सुना होगा कि वो दिखने में तो खूबसूरत है लेकिन उसे बात तक करने की तमीज नहीं है। ऐसा तब होता है जब लोगों के बोलने से ही उसकी शिक्षा का पता चल जाता है। इसलिए कहा जाता है कि व्यक्ति के बाहरी सुंदरता के साथ मन का सुंदर होना भी बेहद जरूरी होता है या आप ऐसे समझ सकते हैं कि बाहरी सुंदरता के साथ आंतरिक सुंदरता भी व्यक्ति के व्यक्तित्व पर गहरा असर डालती है। कई बार तो बाहरी सुंदरता के साथ आंतरिक सुंदरता अपने व्यक्तित्व को भी निखारे और प्रशंसा के साथ-साथ कामयाबी हासिल करने में भी मदद करती है।

बाहरी सुंदरता

ये बात सच है कि सुंदरता में अद्भुत आकर्षण शक्ति होती है तभी तो जब भी कोई इसे देखता है तो बस देखते ही रह जाता है और आकर्षित भी हो जाता है। सुंदरता नारी की हो या प्रकृति की हर किसी को मोहित कर लेती है क्योंकि यह देखने योग्य ही होती है। शायद इसलिए कहा गया है कि सौंदर्य में व्यक्ति को मोहित करने की क्षमता होती है। यही कारण है कि नारी को अपने सौंदर्य से विशेष लगाव होता है और वह इसे बनाए रखने के लिए तमाम तरीके अपनाती रहती है। लेकिन प्रकृति के नियम से सामने हर किसी को झुकना पड़ा है बढ़ती उम्र का सीधा प्रभाव आपकी सुंदरता पर पड़ता है जैसे आयु बढ़ती जाती है सुंदरता कम होती जाती है।

आंतरिक सुंदरता

सौंदर्य का एक पक्ष ऐसा भी होता है जो बढ़ती उम्र के साथ और भी ज्यादा बढ़ता जाता है और वो है आंतरिक सुंदरता, यानि आपकी आंतरिक सुंदरता यानी कि आपका व्यक्तित्व। आंतरिक सुंदरता केवल चिरस्थाई ही नहीं होती बल्कि यह बाहरी सुंदरता का पूरक भी है। नारी अपने आंतरिक सुंदरता का विकास करके संपूर्ण सुंदरी बन सकती है बाहरी सुंदरता तो केवल पहली नजर में आकर्षित करने की क्षमता रखती है जबकि आंतरिक सुंदरता की असीम क्षमता व्यक्ति को आजीवन बांधे रखती है।

हालांकि अक्सर ऐसा भी देखा गया है कि शादी के कुछ वर्षों बाद पति का पत्नी के प्रति स्वाभाविक आकर्षण व लगाव धीरे-धीरे कम होने लगता है और फिर एक ऐसी स्थिति आती है जब यह आकर्षण समाप्त सा हो जाता है और पति दूसरी औरतों में रुचि लेने लगता है या फिर वह स्वयं को किसी अन्य काम में व्यस्त कर लेता है। ऐसी स्थिति में पत्नियों को अपने दांपत्य जीवन को सुखी बनाने के लिए विशिष्ट प्रकार के मनोवैज्ञानिक प्रयास करने पड़ते हैं नारी को संपूर्ण अपनी आंतरिक सुंदरता को निखारना पड़ता है।

आप सोच रहे होंगे कि आखिर आंतरिक सुंदरता कौन सी बला है जिसके बारे में हम बात कर रहे हैं? यह कैसे प्राप्त की जा सकती है ? यह एक नारी को संपूर्ण सुंदरता किस प्रकार प्रदान कर सकती है ? और इसका जीवन में क्या महत्व है ? इन सभी सवालों के जवाब आपको मिल जाएंगे।

उदाहरण के तौर पर समझाते हैं आपने ऐसी बहुत-सी महिलाओं को देखा होगा जिनका रंग रूप नाक नक्शा सामान्य होता है जो बहुत कम मेकअप करती है तथा उनकी बातचीत और व्यवहार आदि भी बहुत ही सामान्य होते हैं फिर भी उनके चेहरे पर एक विशेष प्रकार की सुंदरता होती है जिसके कारण पुरुषों को ही नहीं बल्कि महिलाओं की भी आकर्षण का केंद्र बन जाती हैं। दरअसल इसे ही आंतरिक सौंदर्य कहा जाता है। इसके लिए आपको अपने व्यक्तित्व का विकास करके अपने पारिवारिक व सामाजिक जीवन को खुशहाल बना सकती हैं।

ऐसे निखारें आंतरिक सुंदरता

यह बात भी सच है कि व्यक्तित्व के विकास में सर्वाधिक महत्वपूर्ण शिक्षा है लेकिन आंतरिक सुंदरता के विकास के लिए सभी विषयों का सामान्य ज्ञान तथा किसी एक विषय में विशेष योग्यता होना आवश्यक है। इसके लिए आपकी सहायता समाचार पत्र भी कर सकता है। अक्सर देखा जाता है की छात्र जीवन के बाद औरतें पुस्तकों से नाता तोड़ देती हैं जो की अच्छी बात नहीं है।

आंतरिक सुंदरता के विकास के लिए दूसरा आवश्यक तत्व है संयमित व्यवहार। अक्सर देखा गया है कि कई शादीशुदा महिलाएं भी किसी अजनबी व्यक्ति से या पति के मित्र से बात करते समय असामान्य हो जाती हैं। वे या तो अनावश्यक अदाएं दिखाती हैं या अत्यधिक गंभीर और शुष्क हो जाती हैं। यह दोनों ही स्थिति ठीक नहीं होती।

आंतरिक सुंदरता के विकास के लिए और भी बहुत सी बातों पर ध्यान देना आवश्यक है। जैसे स्वस्थ शरीर, शरीर पर अच्छा लगने वाला पहनावा, हल्का मेकअप और अनौपचारिक रहन सहन आदि भी आपके आंतरिक सौंदर्य यानी कि आप की आंतरिक सुंदरता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ये सारी चीजें बाहरी सुंदरता से अधिक संबंधित है लेकिन मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इनका महिलाओं के आंतरिक सुंदरता पर सीधा प्रभाव पड़ता है इसके साथ ही आयु और शरीर के अनुसार फैशन कपड़े का चुनाव करना चाहिए।

 व्यक्तित्व सलाहकार और सौंदर्य विशेषज्ञ से करें संपर्क

इस बारे में आप अगर और विस्तृत जानकारी लेना चाहते हैं, या फिर आप अपने अंदर के आंतरिक सौंदर्य को पहचानना व निखारना चाहते हैं तो इसमें आपकी मदद करने के लिए हमारे नेटवर्क पर मौजूद हैं संजीवनी गुलाटी। जो कि एक बेहतरीन सौंदर्य विशेषज्ञ होने के साथ ही साथ व्यक्तित्व सलाहकार भी हैं। स्टाइल और व्यक्तित्व विकास विशेषज्ञ संजीवनी गुलाटी कई वर्षों से ऐसे लोगों की मदद कर रही हैं। इनकी सलाह से लोगों के जीवन में कई सारे बदलाव आएं हैं व खुशियां भी भर गई हैं। इनसे संपर्क करने के लिए यहां क्लिक करें।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *