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आइए जानें, हमारे मस्तिष्क को कैसे प्रभावित करता है मेडिटेशन

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Effects of Meditation on Brain

स्वस्थ रहना हर कोई चाहता है इसके लिए लोग अपनी दिनचर्या में कई तरह के बदलाव करते हैं जैसे खान पान, योग, मेडिटेशन आदि। लेकिन आज हम बात करने जा रहे हैं विशेष रूप से मेडिटेशन की, हम सभी ये तो जानते हैं कि मेडिटेशन करने से कई सारे फायदे होते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि मेडिटेशन आपके दिमाग को कितना व किस हद तक प्रभावित करता है?

विशेषज्ञों की मानें तो मेडिटेशन करने से कई सारे न्यूरोलॉजिकल लाभ होते हैं, जिसकी वजह से यह मस्तिष्क के कई क्षेत्रों के बीच अलग सा कनेक्शन बढ़ाता है। हालांकि ये दिमाग के अलावा शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित करता है पर आज हम बात करेंगे मेडिटेशन के दिमाग पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में।

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मस्तिष्क की संचरना बदलता है मेडिटेशन

ये वाकई में यकीन करने लायक नहीं है पर यह सच है कि लंबे समय ध्यान करने वाले लोग ज्यादा खुश रहते हैं और उन्हें अपने आप तनाव से मुक्ति मिल जाती है। वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है कि लंबे समय से मेडिटेशन करने वाले लोगों के मस्तिष्क की संरचना बदल जाती है, उनकी कोशिकाओं में बदलाव आता है इस कारण उनके अंतः स्रावी तंत्र पर असर पड़ता है। जिसकी वजह से वो लोग ज्यादा खुश रहते हैं और उन्हें मानसिक बीमारियों से छुटकारा भी मिल जाता है।

क्षमता बढाने में है मददगार

सामान्यत: देखा गया है कि मेडिटेशन करने वाले लोगों का दिमाग अन्य लोगों की तुलना में सोचने की क्षमता ज्यादा रखता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जो लोग काफी समय से ध्यान करते हैं उनके दिमाग में ग्रे-मैटर वॉल्यूम अधिक होता है और वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर दिमाग में ग्रे-मैटर वॉल्यूम जितना अधिक होगा ब्रेन सेल्स उतने ही अधिक होंगे इसकी वजह से इंसान की सोचने की क्षमता बढ़ जाती है।

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एंटीडिप्रेशेंट है मेडिटेशन

आप सोच रहे होंगे कि भला ध्यान आपके तनाव व चिंता को कैसे दूर कर सकता है तो ये सच है कि यह उन लोगों के लिए एंटीडिप्रेशेंट की तरह काम करता है जो डिप्रेशन और तनाव से ग्रस्त होते हैं। नियमित रूप से मेडिटेशन करने से तनाव से मुक्ति मिलती है क्योंकि मेडिटेशन करने पर शरीर से कोर्टिसोल नामक हार्मोंन का स्राव भरपूर होता है जो दिमाग शांत रखता है और तनाव मुक्त करता है। कई लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पाते हैं पर यह पूरी तरह से सच है।

एकाग्रता में बढ़ोत्तरी

हम हर रोज इतनी सारी समस्याओं से जूझते हैं जिसकी वजह से कई बार हमारे साथ ऐसा होता है कि हम किसी भी काम में ध्यान नहीं लगा पाते हैं। शोध में भी यह पाया गया है कि मेडिटेशन से डिमेंशिया, अवसाद और सिजोफ्रेनिया जैसी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। पर मेडिटेशन करने से इस तरह की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है क्योंकि कहा जाता है कि नियमित रूप से मेडिटेशन करने से एकाग्रता और ध्यान बढ़ाता है और दिमाग भी तेज होता है। एकाग्रता और ध्यान बढ़ेगा तो आप किसी भी काम पर अपना फोकस दे पाएंगें।

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बच्चों के लिए भी है जरूरी

वैसे ये बात काफी कम ही लोगों को पता होगा कि बड़ों के लिए जितना प्रभावी ध्यान लगाना होता है उतना ही बच्चों के लिए भी। कई बार मेडिटेशन बच्चों में होने वाले तनाव को कम करने में मदद करता है। जैसे कि स्कूल के बच्चों के लिए मेडिटेशन के संज्ञानात्मक और भावनात्मक लाभ होते हैं। इतना ही नहीं हम बड़ो की तरह थोड़े बहुत तनाव होने के कारण बच्चों के दिमाग पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है जिसकी वजह से उनके सोचने की शक्ति कम हो जाती है, इसलिए मेडिटेशन करने से बच्चों के सोचने की क्षमता बढ़ जाती है और किसी भी कार्य को ध्यान से करते हैं।

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