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आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या का करेंगे पालन, तो दूर रहेंगी बीमारियां

आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या

वक्त के साथ साथ लोगों की लाइफस्टाइल में भी काफी बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर उनकी सेहत पर भी पड़ रहा है। जी हां, बिगड़ती लाइफस्टाइल की वजह से लोग लंबी और खतरनाक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में, अब ज़रूरत आन पड़ी है कि एक बार फिर से हम आयुर्वेद के हिसाब से अपनी दिनचर्या को बनाए, ताकि खुद को और अपने चाहने वालों को स्वस्थ रख सकें। तो इस लेख में हम आपको आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या या लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए, इसके बारे में बताने जा रहे हैं।  

प्राचीन समय या गुज़रे जमाने में उठने से लेकर सोने तक हर चीज़ के लिए एक नियम हुआ करता था, जिसका पालन भी बखूबी किया जाता था। इतना ही नहीं, नियमों का पालन कर उस जमाने के लोग काफी ज्यादा स्वस्थ और फिट रहते थे। ऐसे में यदि आप खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो आयुर्वेद में उल्लेखित उन नियमों का पालन करें, जिनके बारे में हम आपको आगे बता रहे हैं।

 आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या या लाइफस्टाइल का दृष्टिकोण

आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या

आयुर्वेद के अनुसार जीवन शैली या लाइफस्टाइल निम्नलिखित तरीके से होनी चाहिए, जिनकी मदद से बीमारियाँ आपसे कोसों दूर रहेंगी।

1. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या:  सूर्योदय से पहले उठें

आयुर्वेद के मुताबिक, हर किसी को अपने दिन को शुरूआत सूरज के उगने से पहले ही करनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो सूरज देवता के साथ ही करें। दरअसल, यदि आप जल्दी उठेंगे, तो अपने दिन को अच्छे से मैनेज कर सकेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आयुर्वेद में खुद जल्दी उठने वालों को वात कहा जाता है, तो वहीं दूसरी तरफ उठने के लिए किसी अन्य साधन यानि अलार्म की आवश्यकता जिन्हें पड़ती है, उन्हें काप कहा जाता है।

2. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या : सुबह उठते ही पानी पीए 

आयुर्वेद के मुताबिक, सुबह उठते ही एक या दो गिलास पानी पीना चाहिए। आप चाहे तो सामान्य पानी या फिर गुनगुना पानी पी सकते हैं। ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र सुचारु ढंग से काम करेगा। और तो और आपको दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी कम रहेगा।

3. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या : मल-मूत्र त्याग करें

आयुर्वेद में कहा गया है कि सुबह दैनिक क्रियाओं को ज़रूर करना चाहिए, जिसकी वजह से आप खुद को कई गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं। इसके अलावा आपका पूरा दिन भी बहुत अच्छे से गुजरता है और आपका काम में भी मन लगेगा।

4. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या : योग करें

आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या

आयुर्वेद कहता है कि सुबह का नाश्ता करने से पहले खाली पेट व्यायाम या योग करना चाहिए, जो शरीर को नई ऊर्जा देने के साथ रक्त संचरण को भी बढ़ाता है। ऐसे में यदि आप रोज़ाना खुली हवा में खड़े होकर 5 से 10 मिनट तक पूरे लंग्‍स फुलाकर सांस लेंगे, तो बॉडी में ऑक्‍सीजन की मात्रा बढ़ेगी। इसके अलावा, फेफड़े स्वस्थ रहेंगे और आप कई गंभीर बीमारियों से खुद को दूर रख सकेंगे।

5. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या : स्नान करें

आयुर्वेद के मुताबिक, योग के बाद थोड़ी देर विश्राम करना चाहिए और फिर उसके बाद स्नान कर लेना चाहिए। स्नान करने से शरीर में ताज़गी आ जाएगी। ऐसे में न सिर्फ आपका शरीर साफ सुथरा होगा, बल्कि आप मानसिक रुप से भी खुद को स्वस्थ महसूस करेंगे।

6. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या : ईश्वर का ध्यान करें

स्नान करने के बाद ईश्वर का ध्यान ज़रूर करना चाहिए। सुबह सुबह ईश्वर से की गई प्रार्थना हमेशा कारगर साबित होती है। इसके अलावा आपका दिन भी बहुत ही अच्छा जाता है।

7. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या : नाश्ता ज़रूर करें

आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या

आयुर्वेद में कहा गया है कि सुबह का नाश्ता 7 बजे से 9 बजे के बीच में कर लेना चाहिए, जिससे आपकी सेहत बिल्कुल ठीक रहती है। 9 बजे के बाद किया गया नाश्ता शरीर में नहीं लगता है और आपका दिन भर मूड भी खराब रहता है। इसके अलावा, यह भी कहा गया है कि सुबह हल्का नाश्ता ही करना चाहिए। 

8. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या : सही समय पर लंच करें

दोपहर का खाना बिल्कुल सही समय पर खाना चाहिए। आयुर्वेद में बताया गया है कि दोपहर का भोजन एक बजे तक कर लेना चाहिए, ताकि आपका पाचन तंत्र सुचारु ढंग से काम कर सकें।

9. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या : खाते वक्त पानी न पीए

आयुर्वेद में इस बात का भी ज़िक्र किया गया है कि खाना खाते वक्त पानी नहीं पीना चाहिए, बल्कि कुछ समय के बाद पीना चाहिए। अर्थात खाने के बाद आपको 10 मिनट के बाद पानी पीना चाहिए। 

10. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या :  खाना खाने के बाद तुरंत न नहाएं

आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या

अगर आपको खाना खाने के बाद नहाने की ज़रूरत है, तो थोड़ा रुक जाइये, वरना आपको पेट संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। आयुर्वेद में कहा गया है कि खाने के तुरंत बाद नहीं नहाना चाहिए, बल्कि 1 या 2 घंटे के बाद ही नहाएं। हालांकि, कोशिश करें कि खाने से पहले ही नहा लें।

11. आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या : 7 से 8 घंटे की नींद लें

अधूरी या ज़रूरत से ज्यादा नींद सेहत के लिए हानिकारक होती है, ऐसे में आपको सिर्फ 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। यदि आप 7 से 8 घंटे की नींद रोज़ाना लेंगे, तो आप अपने आपको कई बीमारियों से कोसों दूर रख सकते हैं।

यदि आपको अपनी दिनचर्या को लेकर कोई सवाल है तो आप हमारी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ अंजू पांडेय से संपर्क कर सकते हैं। इन्हें इस फील्ड में काफी अनुभव है और ये आपकी परेशानियां चुटकियों में सुलझा सकती हैं।

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